श्रीकृष्ण/ देवल आशीष की नज़र में

Thursday, February 19, 2009 · 3 comments

"विश्व को मोहमयी महिमा के असंख्य स्वरुप दिखा गया कान्हा,
सारथी तो कभी प्रेमी बना तो कभी गुरु धर्म निभा गया कान्हा,
रूप विराट धरा तो धरा तो धरा हर लोक पे छा गया कान्हा,
रूप किया लघु तो इतना के यशोदा की गोद में आ गया कान्हा,

चोरी छुपे चढ़ बैठा अटारी पे चोरी से माखन खा गया कान्हा,
गोपियों के कभी चीर चुराए कभी मटकी चटका गया कान्हा,
घाघ था घोर बड़ा चितचोर था चोरी में नाम कमा गया कान्हा,
मीरा के नैन की रैन की नींद और राधा का चैन चुरा गया कान्हा,

राधा नें त्याग का पंथ बुहारा तो पंथ पे फूल बिछा गया कान्हा,
राधा नें प्रेम की आन निभाई तो आन का मान बढ़ा गया कान्हा,
कान्हा के तेज को भा गई राधा के रूप को भा गया कान्हा,
कान्हा को कान्हा बना गई राधा तो राधा को राधा बना गया कान्हा,

गोपियाँ गोकुल में थी अनेक परन्तु गोपाल को भा गई राधा,
बाँध के पाश में नाग नथैया को काम विजेता बना गई राधा,
काम विजेता को प्रेम प्रणेता को प्रेम पियूष पिला गई राधा,
विश्व को नाच नाचता है जो उस श्याम को नाच नचा गई राधा,

त्यागियों में अनुरागियों में बडभागी थी नाम लिखा गई राधा,
रंग में कान्हा के ऐसी रंगी रंग कान्हा के रंग नहा गई राधा,
प्रेम है भक्ति से भी बढ़ के यह बात सभी को सिखा गई राधा,
संत महंत तो ध्याया किए माखन चोर को पा गई राधा,

ब्याही न श्याम के संग न द्वारिका मथुरा मिथिला गई राधा,
पायी न रुक्मिणी सा धन वैभव सम्पदा को ठुकरा गई राधा,
किंतु उपाधि औ मान गोपाल की रानियों से बढ़ पा गई राधा,
ज्ञानी बड़ी अभिमानी पटरानी को पानी पिला गई राधा,

हार के श्याम को जीत गई अनुराग का अर्थ बता गई राधा,
पीर पे पीर सही पर प्रेम को शाश्वत कीर्ति दिला गई राधा,
कान्हा को पा सकती थी प्रिया पर प्रीत की रीत निभा गई राधा,
कृष्ण नें लाख कहा पर संग में न गई तो फिर न गई राधा."
**************************************************देवल आशीष

तुम तो ऐसे नहीं थे.......

Tuesday, February 17, 2009 · 1 comments


*~*~*~*~*~*जानवर*~*~*~*~*~*
यही वफ़ा का सिला है, तो कोई बात नहीं,
ये दर्द तुमने दिया है, तो कोई बात नहीं.
यहीं बहुत है की तुम देखते हो "साहिल" से,
मेरी कश्ती डूब रही है, तो कोई बात नहीं.
रखा था आशियाना-ए-दिल में छूपा कर तुमको,
वो घर तुमने छोड़ दिया है, तो कोई बात नहीं.
तुम्हीं ने आईना-ए-दिल मेरा बनाया था,
तुम्हीं ने तोड़ दिया है, तो कोई बात नहीं
किसकी मजाल कहे कोई मुझको दीवाना,
अगर यह तुमने कहा है, तो कोई बात नहीं.
इश्क के फूल भी खिलते है, बिखर जाते है,
जख्म कैसे भी हो, कुछ रोज में भर जाते है.
उन ख्वाबों में अब कोई नही और हम भी नहीं,
इतने रोज से आये है, चुपचाप गुजर जाते है,
नर्म आवाज, भोली बातें, नरम लहजा,
पहली बारिश में ही, सब रंग उतर जाते है.
रास्ता रोके खड़ी है, वही उलझन कब से,
कोई पुछे तो कहें क्या की किधर जाते है??
*~*~*~*~*तेरे नाम*~*~*~*~*---यहीं तो है
***********************************साथ में जावेद अख्तर

ख्वाहिश.....

Saturday, February 14, 2009 · 2 comments


*~*~*~*~*~*जानवर*~*~*~*~*~*~*
काश मैं तेरे हसीन हाथों का कँगन होता,
तु बड़े चाव से.....बड़े मन के साथ,
अपनी नाजुक सी कलाई में चढ़ाती मुझको,
और बेताबी से फुरसत के लम्हों में,
तु किसी सोच में डूबकर जो घुमाती मुझको,
मैं तेरे हाथ की "खुशबू" से महक-सा जाता,
जब कभी मुड़ में आकर चुमा करती मुझको,
तेरे होठों कि हिद्त से ढक-सा जाता,
रात को जब भी तु नींद के सफर पर जाती,
मैं तेरे हाथ का एक तकिया बन जाता,
*~*~*~*~*तेरे नाम*~*~*~*~*---यहीं तो है।

यार को मैंने.....

Thursday, February 5, 2009 · 1 comments

***************जानवर***************
कुछ दिन पहले मुहब्बत को मुहब्बत समझा हमने,
मुहब्बत हुई, मुहब्बत को अपना समझा हमने.
मुहब्बत में इस कदर मदहोश हो गये,
इस कि बेवफाई को वफा समझा हमने.
जख्म इस कदर मुहब्बत ने दिये,
इन जख्मों को फुल समझा हमने.
मुहब्बत कि चीख-ओ-पुकार इस कदर थी,
आस-पास के लोगों के रोने को हसनां समझा हमने.
मुहब्बत कि शिद्दत में आंखें इस कदर चौंधिया गये,
हर चमकती हुई चीज को सोना समझा हमने.
दीवाना इस कदर मुहब्बत ने बनाया हमको,
अपनों को बैगाना और "उनको" अपना समझा हमने.
मुहब्बत कि यादें दिल पर कुछ युं नक्श कर गई,
भुलने कि कोशिश में खुद को ही भुला दिया हमने.
**********तेरे नाम*************यही तो है.

वो तेरा नाम था.....

Monday, February 2, 2009 ·

***********जानवर************
वो कुछ सुनता तो मैं कहती,
मुझे कुछ और कहना था.
वो पल भर को जो रुक जाता,
मुझे कुछ और कहना था.
कहा उस ने सुनी मेरी, सुनी भी अनसुनी कर दी,
उसे मालुम था इतना,
मुझे कुछ और कहना था.
गलतफहमी ने बातों को युहीं बदल डाला वरना?
कहा कुछ ओर था, वो कुछ ओर समझा.
मुझे कुछ और कहना था.
********तेरे नाम********यही तो है